मंत्र
सभी देखेंध्यान मंत्र
ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं रत्नाकल्पोज्ज्चलाङ्गं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम्।पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं व...
मृत संजीवनी मंत्र
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं त्र्यंम्बकं यजामहे भर्गो देवस्य धीमहि सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्धियो यो नः प्रचोदयात् उर्वारुकमिव बन्धनान...
भगवान शिव के विभिन्न मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम् ।वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं, वन्दे पशूनां पतिम् ॥वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं, वन्दे मुकुन्दप्...
चालीसा
सभी देखेंशिव चालीसा
दोहाअज अनादि अविगत अलख, अकल अतुल अविकार। बंदौं शिव-पद-युग-कमल
अमल अतीव उदार।। 1।।
आर्तिहरण सुखकरण शुभ भक्ति-मुक्ति-दातार। करौ अनुग्रह दीन लखि अपनो...
पार्वती चालीसा
॥ दोहा ॥
जय गिरी तनये दक्षजे,शम्भु प्रिये गुणखानि। गणपति जननी पार्वती,अम्बे! शक्ति! भवानि॥
॥ चौपाई ॥
ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे।पंच बदन नित त...
शिव चालीसा
॥ दोहा ॥जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान॥॥ चौपाई ॥जय गिरिजा पति दीन
दयाला।सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा ...
आरती
सभी देखेंजगमग जोत जले मंदिर में
जगमग जोत जले मंदिर में बाबा-नागेश्वर दरबार।
नागेश्वर दरबार हो बाबा नागेश्वर दरबार, जगमग
जोत....
कार्तिक गणपति संग बिराजै,
मैया करे दुलार। जगमग ज...
शीश गंग अर्धंग
शीश
गंग अर्धंग पार्वती, सदा विराजत कैलासी । नंदी
भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी ॥
शीतल
मन्द सुगन्ध पवन, बह बैठे हैं शिव अविनाशी । कर...
जय पार्वती माता
जय
पार्वती माता जय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवीशुभ फल की दाता॥ जय पार्वती माता
अरिकुल
पद्म विनाशिनिजय सेवक त्राता। जग जीवन जगदम्बा,हरिहर गुण
...
स्तुति
सभी देखेंॐ नमः शिवाय:
हे आशुतोष महाकालेश्वर
विश्वनाथ महेश्वरा, देवाधिदेव
महादेव, नमामी नागेश्वरा।
हे अमरनाथ, हरिहरेश्वर, पशुपति
केदारेश्वरा, सिंद्धनाथम्, वैद्यनाथम्,
...
गौरीश्वरस्तुतिः
दिव्यं वारि कथं यतः सुरधुनी मौलौ कथं पावको दिव्यं
तद्धि विलोचनं कथमहिर्दिव्यं स चाङ्गे तव।
तस्माद् द्यूतविधौ त्वयाऽद्य मुषितो हारः परित्यज्यता मि...
शिव स्तुति
दोहा
श्री
गिरिजापति वंदिकर, चरण
मध्य शिरनाय । कहत अयोध्यादास तुम, मोपर
होहु सहाय ।।
कवित्त
नन्दी
की सवारी नाग अंगीकार धारी नित, संत सुख...
भजन
सभी देखेंश्री शिव प्रातः स्मरण स्तोत्रम्
प्रातः स्मरामि भवभीतिहरं
सुरेशं गङ्गाधरं वृषभवाहनमम्बिकेशम् ।
खट्वाङ्गशूलवरदाभयहस्तमीशं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥१॥
प्रातर्नमामि गिरिशं
गिर...
श्री वेदसार शिव स्तव स्तोत्र
पशूनां पतिं पापनाशं
परेशं, गजेन्द्रस्य कृत्तिं
वसानं वरेण्यम्।
जटाजूटमध्ये स्फुरद्गाङ्गवारि, महादेवमेकं
स्मरामि स्मरारिम् ॥ १॥
महेशं सुरेशं
सु...
श्रीविश्वनाथस्तोत्रम्
उपहरणं विभवानां संहरणं सकलदुरितजालस्य।
उद्धरणं संसाराच्चरणं वः श्रेयसेऽस्तु विश्वपतेः ॥ १ ॥
भिक्षुकोऽपि सकलेप्सितदाता प्रेतभूमिनिलयोऽपि पवित्र...
स्त्रोत
सभी देखेंनिर्वाणषट्कम्
मनोबुद्ध्यहङ्कार चित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे ।
न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुः चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम् ॥१॥
न च प्राणसंज्ञो...
श्रीकालभैरवाष्टकम्
शिवरहस्यान्तर्गते
महादेवाख्ये शिवपार्वतीसंवादे
ईश्वर
उवाच।
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजंव्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं
कृपाकरम्।
नारदादियोगिव...
नन्दिस्तवः
कण्ठालङ्कारघण्टाघणघणरणिताध्मातरोदः कटाहः कण्ठेकालाधिरोहोचितघनसुभगंभावुकस्निग्धपृष्ठः ।
साक्षाद्धर्मो वपुष्मान् धवलककुदनिर्भूतकैलासकूटः कूटस्थो व...